“ढूंढते हैं खुश रहने
के कुछ बहाने , जीवन के कुछ अच्छे और बुरे फ़साने,
जब याद करो उन अच्छे
दिनों को तो, आँखों में ख़ुशी आ जाती है
बुरी यादें अक्सर हमारी
आँखों में नमी दे जाती हैं,
जिंदगी एक ऐसी
पाठशाला है जो वक़्त पड़ने पर सब कुछ सिखा जाती है”
अक्सर ऐसा होता है कि
हम छोटी-छोटी बातों को लेकर बैठ जाते हैं | किसी से कुछ अनबन हो जाए तो उस बात को
लंबे समय तक दिमाग में रखते हैं और कई बार तो सामने वाले के लिए दिल में नफरत जमा
कर लेते हैं | इसके बाद हम उसकी सिर्फ कमियाँ ही देखते हैं , उसकी अच्छाई हमें
दिखाई देकर भी नहीं दिखती |
ऐसा तब होता है, जब
हम किसी बात को दिल से लगाकर बैठ जाते हैं | जिसके नतीजा ये होता है कि हम
धीरे-धीरे सबसे दूर हो जाते हैं | कभी सोचा है इतनी नफरत लेकर कहाँ जाएँगे और कैसे
जीयेंगे |
इस बात को कोई नहीं
सोचता , कि रोजाना थोड़ी-थोड़ी नफरत , कब दुश्मनी में बदल जाएगी पता ही नहीं चलेगा |
जब दुश्मनी हो गई तो फिर क्या कहना किसी से , फिर तो एक ही उद्देश्य के साथ जिंदगी
की सुबह होती है कि अपने दुश्मन को कैसे ख़तम करें | अपने इस गुस्से में हम इस बात
को तो भूल ही जाते हैं कि जिसकी बर्बादी का हम इतना बड़ा उद्देश्य बनाकर बैठे हैं
वो कोई और नहीं हमारा अपना है | अगर वो अपना भी नहीं है तो वो एक इंसान है |
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| (courtesy : Google & Third Party ) |
चलिए ये तो है एक ऐसी
सोच जो वर्तमान समय में चल रही है | क्योकिं आज लोग अपने दुःख से दुखी नहीं बल्कि
दूसरों की कामयाबी से दुखी हैं | ऐसे लोगों के लिए आज हम कुछ बातें कहना चाहेंगे
कि वो खुद भी खुश रहें और सामने वाले को भी खुश रहने दें |
जीवन में खुश रहने के
लिए तीन बातों को अपने जीवन में शामिल करने से आप कुछ हद तक खुश रह हैं |
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कभी
किसी से उम्मीद मत करो :
अक्सर हमें दुःख तब होता
है जब हम सामने वाले से ज्यादा उम्मीद कर लेते हैं और वो हमारी इस उम्मीद में खरा
नहीं उतरता | इसलिए हम उससे नाराज रहते हैं, उससे झगड़ा करते रहते हैं और लंबे समय
तक आपस में ठीक से बात नहीं करते | हम अपने गुस्से में इस बात का ध्यान नहीं देते
कि हमारे द्वारा की गई ये जिद्द हमें कई बार अपनों से दूर कर देती है |
अगर आप जिंदगी में
खुश रहना चाहते हैं तो आपको उम्मीद शब्द अपने जीवन से हटाना होगा | जब आप किसी से
कोई उम्मीद नहीं करेंगे तो आप अपना हर काम खुद से करते हैं और किसी के द्वारा कोई
काम ना करने से आपको दुःख भी नहीं होगा | इससे आपको कभी भी किसी से कोई शिकायत नहीं
होगी और आप सूकून भरी जिंदगी जीयेंगे |
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कभी
किसी पर निर्भर ना रहें :
कभी आपने ऐसा सोचा है
कि हम किसी पर निर्भर होते हैं तो क्या होता है ? हमारा किसी पर निर्भर होना एक हद
तक सामने वाले को ठीक लगता है , पर जब धीरे-धीरे समय बीतने लगता है तो एक दिन ऐसा
भी आता है जब हम उसके लिए बोझ बन जाते हैं | बोझ भरी जिंदगी को ना तो जीना आसन होता
है और ना ही इसके साथ चलना आसान होता है |
अगर आप अपने जीवन में
खुश रहना चाहते हैं तो अपने आप को इतना काबिल बनालो कि आप किसी पर कभी निर्भर ना
रहो | क्योंकि जब आप किसी और पर निर्भर नहीं होंगे तो खुद को सँभालने की आदत आपमें
रहेगी और आप कभी किसी पर बोझ नहीं बनेंगे |
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अपनी
पसंद को भी कुछ जगह दें :
कुछ लोग ऐसे होते
हैं, जो सिर्फ औरों की सुनते हैं , औरों के हिसाब से काम करते हैं | पर उनसे अगर
पूछा जाए कि क्या वो खुश रहते हैं तो शायद नहीं | ऐसे लोगों की अपनी कोई पसंद नहीं
होती , बस वो दूसरों की पसंद के लिए जीते हैं |
जो लोग अपने लिए नहीं
जीते, अपनी पसंद को अपने जीवन में जगह नहीं देते ऐसे लोग अक्सर दुःख रहते हैं | ऐसा
काम करें जिसमें आपको ख़ुशी मिलती है | अपने जीवन में वो काम करें जो आप पसंद करते
हों , इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं कि आप अपनों
की पसंद को छोड़ दें पर अपने जीवन में कुछ अपनी पसंद को जगह दें |
“हमेशा औरों के लिए
जीए हो, कभी खुद के लिए जी कर देखो,
सपने तो तुम्हरी
आँखों में भी होंगे , आसमान तक जाने के
पर अपने लिए कुछ कर
के तो देखो”
ये हैं खुश रहने के
कुछ बहाने , इन्हें अपने जीवन में शामिल कर के तो देखो, ना मिले दिल की ख़ुशी तो
कहना|

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