वर्तमान में मनुष्य का जीवन बहुत ही कठिन होता
जा रहा है | जीवन में इतने उतार चढ़ाव आते हैं कि कभी तो यह समझ नहीं आता कि कहाँ
जाएं और क्या करें | कहते हैं एक जैसा वक़्त हमेशा कभी नही होता , पर ऐसा क्यों
होता है जब वक़्त अच्छा हो तो उसका पता ही नहीं चलता और जब वक़्त ख़राब हो तो उसमें
एक दिन भी बहुत लंबा लगता है | ऐसा लगता है ये दिन बीतेगा ही नहीं |
खैर! ये तो मानव स्वाभाव है , अच्छे समय में
किसी को याद ना करना और बुरे वक़्त में अपनों की तलाश करना | जब आप अच्छे वक़्त में
अपनों को याद नहीं करते तो बुरे वक़्त में उनकी तलाश क्यों करते हैं ? क्योंकि
मनुष्य बहुत ही स्वार्थी होता है जिसको सिर्फ अपने आप से मतलब होता है | जब उसका
मतलब किसी और से हो तो वो उसके साथ अच्छे व्यवहार के साथ रहता है और जहां मतलब ख़तम
वहाँ बात करना बंद |
जब कोई परेशान होता है तो कई बार ऐसा होता है
कि उसका दिमाग नहीं चलता , और वो इसके चलते कुछ ना कुछ गलत कदम उठा लेता है | ऐसा
क्यों होता है ? वैसे तो अक्सर लोग कहते हैं हम में बहुत दिमाग है पर अब दिमाग
क्यों नहीं चलता | जो लोग दिमागदार होने पर बहुत घमंड करते हैं उन्हें शायद इस बात
की जानकारी नहीं है कि अच्छे वक़्त में तो सभी का दिमाग चलता है पर असली दिमाग वो
जो बुरे वक़्त पर चले |
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| (Courtesy : Google Third Party ) |
हमेशा चुप रहने की आदत भी कभी कभी इन्सान को
सिवा दुःख के और कुछ नहीं देती | कुछ लोग जवाब दे देते हैं, तो सामने वालों को
बुरा लगता है कि इसने जवाब कैसे दे दिया | मगर कुछ लोगों की आदत चुप रहने की होती
है | जो लोग चुप रहते हैं अक्सर लोग उन्हें पसंद करते हैं क्योंकि वो कभी कोई जवाब
नहीं देता | पर इस बात को शायद ही कोई जानता है कि जो लोग चुप रहते हैं वो अक्सर
अपने अन्दर गुस्सा भरते हुए चलते हैं | अगर उनका गुस्सा बाहर निकल गया तो सामने
वाले को दुःख और अगर नहीं निकला तो बस गुस्सा युही भरा रहेगा और सिवा नुकसान के और
कुछ नहीं करेगा |
ज्यादा बोलने वाले लोगों को कोई पसंद नहीं
करता | ज्यादा बोलना सेहत के लिए तो ख़राब होता ही है साथ ही ये रिश्तों के लिए भी
ख़राब होता है | ज्यादा बोलने वाले लोग
बिना सोचे समझे कुछ भी कह देते हैं वो सही और गलत में फर्क नहीं समझते | जिसके
कारण अक्सर बुरे लोगों की गिनती में आ जाते हैं |
अगर आप जिंदगी में एक ग़लत फैसला लेते हैं तो
इसके लिए आप पूरी जिंदगी पछताते हैं | इसलिए नहीं आपका फैसला ग़लत है बल्कि इसलिए
क्योंकि ये ग़लत फैसला आपने लिया है | आप कोई ऐसा फैसला लें जो आपके लिए ग़लत हो और
कोई ऐसा फैसला जो औरो के लिए ग़लत हो | इन दोनों बातों में बहुत फर्क है | कहते हैं ना हम औरों से नहीं हारते हैं कभी ऐसा
समय आता है कि हम खुद से ही हार जाते हैं |
अगर जीवन में आगे बढ़ना है तो खुद को इतना ऊँचा
कर लो कि सामने वाले की ऊंचाई कम हो जाए या फिर उसको इतना नीचे कर दो कि तुम खुद
ऊँचे दिखने लगो | वर्तमान समय में लोग खुद को ऊँचा उठाने में कुछ मेहनत महसूस करते
हैं और वो इतनी मेहनत नहीं करना चाहते तो वो सामने वाले को नीचा दिखाने में लग
जाते हैं | इससे उसकी कमज़ोरी का पता चलता है कि वो किस लायक है | कमयाब इंसान
हमेशा खुद को ऊँचा करते हैं सामने वाले की ऊंचाई तो खुद बा खुद कम हो जाती है |
कहते हैं काबिल बनो कामयाब तो कोई भी बन जाता
है | जब तक आप काबिल नहीं होंगे तो आप कभी कामयाब नहीं हो सकते | कामयाब बनने के
लिए हम किसी ना किसी का सहारा जरुर लेते हैं, पर यदि हम काबिल है तो हमें कामयाब
बनने के लिए किसी की जरूरत नहीं है | कामयाब इंसान की निशानी वो सिर्फ एक ही क्षेत्र
में कामयाब होगा , या तो पैसों में या रिश्तों में , या व्यापार में या फिर
रहन-सहन में | पर इन्सान अगर काबिल है तो वो अपनी क़ाबलियत से हर क्षेत्र को बराबर
समय देगा और सभी जगह कामयाब होगा |
अगर पूछें कि इन्सान का डर क्या है ? तो सबका
अपना डर होता है , किसी को अँधेरे से डर लगता है, किसी को ऊंचाई से डर लगता है,
किसी को आग से डर लगता है और किसी को पानी से डर लगता है | पर कभी यह जानने की
कोशिश की है कि असली डर लगता किस बात से | वर्तमान समय में इंसान का डर सिर्फ
इंसानों से है | क्योकिं कलयुग में इंसान ही ऐसे हो गए हैं कि वो ही अपनी प्रजाति
ख़तम करना शुरू कर रहे हैं | जहां जानवर अपने समूह की रक्षा के लिए कुछ भी करते हैं
वही इंसान है जिनकी इंसानियत तो ख़त्म ही हो गई और वो अपने समूह को ख़त्म करने में
लगे हैं | किसी को पैसा चाहिए, किसी को प्रॉपर्टी , पर किसी को रिश्ते नहीं चाहिए
|
ये है आज की कड़वी सच्चाई | समझ ही नहीं आता आज
के समय में किस पर विश्वास किया जाए, क्या करें और कहाँ जाएं |

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